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NSA के तहत हिरासत में लिए गए सांसद अमृतपाल को संसद में उपस्थित होने से छूट दी गई: लोकसभा ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को बताया

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केंद्र सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया कि सांसद अमृतपाल सिंह को संसद के सत्रों में उपस्थित होने से 54 दिनों की छूट दी गई है। एएसजी सत्यपाल जैन ने चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल की खंडपीठ को सूचित किया कि अमृतपाल की छुट्टी मांगने की अर्जी को कल (12 मार्च) संसद में स्वीकार कर लिया गया। यह घटनाक्रम अनुच्छेद 101(4) के आलोक में महत्वपूर्ण है, जो सदन को यह अधिकार देता है कि यदि कोई सांसद सदन की अनुमति के बिना साठ दिनों की अवधि के लिए सदन की सभी बैठकों से अनुपस्थित रहता है तो वह उसकी सीट रिक्त घोषित कर सकता है।

अमृतपाल राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत निवारक हिरासत में हैं, इसलिए वे चल रहे बजट सत्र में उपस्थित होने में असमर्थ हैं। इस प्रावधान का हवाला देते हुए अमृतपाल ने हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने सरकारी अधिकारियों को उनकी सिफारिश के अनुसार सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के उपयोग की व्यवस्था करने के निर्देश भी मांगे। इस संबंध में कोई आदेश पारित करने से इनकार करते हुए पीठ ने कहा, “संसद का संचालन कुछ नियमों द्वारा नियंत्रित होता है, इसलिए उपलब्ध विकास निधि के उपयोग की व्यवस्था करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से प्रार्थना करना उचित होगा।

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इसके साथ ही याचिका का निपटारा कर दिया गया। इससे पहले अमृतपाल के वकील ने अदालत को सूचित किया कि विधायक 54 दिनों से अनुपस्थित हैं। अनधिकृत अनुपस्थिति के आधार पर उनकी सीट खाली घोषित करने के लिए केवल 6 दिन शेष हैं। यह तर्क दिया गया कि निवारक निरोध के तहत एक सांसद को संविधान के अनुसार संसद सत्र में भाग लेने का अधिकार है। यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 105 से आता है, यह प्रस्तुत किया गया। याचिका में कहा गया
“यदि संसद सत्र चल रहा है तो निरोधक प्राधिकारी को सांसद की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति हिरासत में लिए गए सांसद की सदन में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन आदेश जारी कर सकते हैं।” दूसरी ओर पंजाब सरकार ने तर्क दिया था कि संसद की कार्यवाही में भाग लेने का सांसद को कोई मौलिक अधिकार नहीं है। केस टाइटल: अमृतपाल सिंह बनाम भारत संघ

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