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साहित्य विज्ञान केंद्र (पंजीकृत) चंडीगढ़ ने दर्शन तिउना के पंजाबी गीत संग्रह ‘लप्प कु हासे, गिठ कु रोसे’ का विमोचन किया

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फगवाड़ा, 23 मार्च (प्रीति जग्गी) साहित्य विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने टी.एस. सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी चंडीगढ़ के सहयोग से दर्शन तिउना द्वारा पंजाबी गीत संग्रह ‘लप्प कु हासे, गीठ कु रोसे’ का विमोचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री दीपक शर्मा चनारथल (अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार, लेखक एवं पंजाबी लेखक संघ के अध्यक्ष) ने की। जगदीश सिंह खुशदिल (पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश) मुख्य अतिथि थे और नाथविंदर सिंह पंडोरी (सेवानिवृत्त इंजीनियर) विशेष अतिथि थे। केंद्र के निष्ठावान सदस्यों ने इन सम्मानित हस्तियों को फूल माला पहनाकर सम्मानित किया। संस्था की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती परमजीत कौर परम ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा आज के कार्यक्रम के स्वरूप के बारे में बताया। दर्शन तिउना के पंजाबी गीत संग्रह ‘लैप की हासे, गिठ कु रोसे’ को अध्यक्ष मंडल द्वारा जनता को समर्पित किया गया। इस समय उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. अवतार सिंह पतंग ने गीतों के बारे में विस्तार से बताया और लेखक के गीतों की खूब सराहना की। जगदीप सिद्धू ने कहा कि ये गीत बहुत ही सराहनीय हैं क्योंकि ये रहताल से जुड़े हैं। विशेष अतिथि नथविंदर सिंह पंडोरी ने कहा कि पुस्तक में शामिल गीत बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्य अतिथि जगदीश सिंह खुशदिल ने गजल और गीत की विभिन्न विधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि लेखक बनना, अपनी रचनाओं को कागज पर उतारना और पाठकों तक पहुंचाना बहुत कठिन है। अध्यक्षता करते हुए दीपक शर्मा चनारथल ने आज के कार्यक्रम को बातचीत और गीत दोनों का आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि अपना रास्ता खुद तय करें, इससे आपको मंच और सफलता मिलेगी। बलविंदर ढिल्लों, प्रताप पारस, भरपूर सिंह, रतन बाबक वाला, हरिंदर हर, गुरजोध कौर और दविंदर कौर ढिल्लों ने दर्शन टियूना की पुस्तक से बहुत सुंदर गीत गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। दर्शन सिंह सिद्धू ने पुस्तक के कई गीतों का विश्लेषण बहुत अच्छा किया। लेखक के परिवार के सदस्य भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। डॉ. अवतार सिंह पतंग ने आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। दविंदर कौर ढिल्लों ने मंच का शानदार संचालन किया। भूपिंदर सिंह भागो माजरा ने पूरे कार्यक्रम की बेहतरीन कवरेज की। दर्शन तिउना ने पुस्तक के गीत गाने वाले गायकों को सम्मानित भी किया। इसके अलावा राजविंदर सिंह गड्डू, भूपिंदर मलिक, पम्मी सिद्धू संधू, मलकीयत बसरा, हरभजन कौर ढिल्लों, जगदीप सिद्धू, प्रलाद सिंह, निर्मल सिंह, हरजीत सिंह, सुरजीत सुमन, राजिंदर धीमान, पाल अजनबी, बहादर सिंह गोसल, बलजीत कौर बटर ढिल्लों, सुरिंदर गिल, नरिंदर लोंगिया, राजिंदर रेणु, लाभ सिंह लेहली, सरबजीत सिंह, गुरमेल सिंह मौजोवाल, स्वराज संधू, इंद्रजीत सिंह जावा, सुनीता रानी, कृष्णा अत्री, सिमरजीत ग्रेवाल, जशनदीप शर्मा, अर्शदीप शर्मा, हरबंस सोढ़ी, नीलम नारंग, प्यारा सिंह राही, सुखप्रीत सिंह, लाली, बाबू राम दीवान, अमरजीत बठलाना, दिलबाग सिंह, तरसेम राज, तिलक सेठी, डॉ. मनजीत सिंह बल और कंचन भल्ला ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

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