लुधियाना-: बहाल कच्चा अध्यापक यूनियन पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष विकास साहनी ने एक प्रेस नोट के माध्यम से कहा कि रोजगार देने का वादा कर सत्ता में आई पंजाब सरकार अपने वादों से भागती नजर आ रही है। 26 नवंबर को हमारे संगठन ने शिक्षा सचिव के साथ बैठक की और उन्होंने जल्द ही हमें शिक्षा विभाग में बहाल करने का भरोसा जताया। लेकिन वह विश्वास भी लारा बन गया है। यदि 19 फरवरी को उप समिति के साथ होने वाली बैठक में कोई सार्थक समाधान नहीं निकला तो विरोध स्वरूप हमारा संगठन 20 फरवरी को प्रदेश स्तर पर एकत्रित होकर वित्त मंत्री हरपाल चीमा के विधानसभा क्षेत्र में रोष मार्च करेगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। गौरतलब है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में सेवा देने वाले ईजीएस/आईईवी/एआईई/एसटीआर/शिक्षा प्रदाताओं ने अपने जीवन के अमूल्य वर्ष सरकारी स्कूलों में शिक्षक के रूप में सेवाएं दी हैं और अब सरकारों ने उन्हें बेरोजगार कर कच्चा अध्यापक यूनियन पंजाब को बहाल कर दिया है जो लंबे समय से शिक्षा विभाग में बहाली के लिए संघर्ष कर रहा है। लेकिन इतना समय बीत जाने के बावजूद पंजाब सरकार ने सिर्फ टाल-मटोल ही की। संघर्ष को दबाने के लिए सरकार की ओर से पर्चे भी जारी किये गये हैं. इस मौके पर जितिंदर अरोड़ा, रणजीत सिंह, सरबजीत कौर, हरजिंदर सिंह, समनीत, परमजीत, सतवंत कौर, राजविंदर कौर, अमनदीप समराला, शालू आदि मौजूद थे।