मशहूर गजल गायक पंकज उदास का लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन !
पंकज उधास की मौत आज सुबह 11 बजे मुंबई में हुई l पिछले कुछ समय से वे मुंबई के ब्रीच क्रैंडी अस्पताल में भर्ती थे l इसी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली l
जानकारी के मुताबिक पंकज उधास को कुछ महीने पहले कैंसर डिटेक्ट हुआ था और वो पिछले कुछ महीने से किसी से मिल नहीं रहे थे l उनका अंतिम संस्कार कल मुंबई में किया जाएगा lपंकज उधास गजल गायिकी की दुनिया में एक बड़ा नाम थे l उन्हें ‘चिट्ठी आई है’ गजल से शोहरत मिली l यह गजल 1986 में रिलीज हुई फिल्म ‘नाम’ में थी l
पंकज ने कई गजलों को अपनी आवाज दी जिनमें ‘ये दिल्लगी’, ‘फिर तेरी कहानी याद आई’, ‘चले तो कट ही जाएगा’ और ‘तेरे बिन’ शामिल है l इसे अलावा ‘ना कजरे की धार’, ‘चांदी जैसा रंग है तेरा’ पंकज के यादगार गानों में से एक हैं l पंकज उधास ने सिंगिंग में अपना लोहा मनवाया और अपनी बेहतरीन आवाज के लिए उन्हें कई अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया l इनमें सबसे अहम पद्मश्री अवॉर्ड है जो कि उन्हें 2006 में दिया गया था| सिंगिंग बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते थे |
पंकज उधास का जन्म 17 अप्रैल, 1951 को गुजरात के सर्वकुंड में हुआ था | वे शुरू से ही एक सिंगिंग बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते थे |पंकज उधास के बड़े भाई मनहर रंगमंच के एक एक्टर भी थे |पंकज ने उनके साथ काम किया और अपने पहले रंगमंच पर ऐ मेरे वतन के लोगों गाया और ऑडियंस उनकी आवाजा कायल हो गए |तब एक दर्शक ने इनाम के तौर पर पंकज को 51 रुपए दिए थे |बाद में पंकज उधास ने संगीत नाट्य अकादमी जॉइन की और तबला बजाना|