फगवाड़ा, कपूरथला, 29 मार्च ( प्रीति जग्गी): संयुक्त किसान मोर्चा भारत के आह्वान पर आज जिला कचहरी कपूरथला में सरकार के दमन के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा कपूरथला द्वारा विशाल रोष प्रदर्शन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, कर्मचारी, महिलाएं एवं अन्य मेहनतकश लोगों ने भाग लिया। कीर्ति किसान यूनियन के राज्य महासचिव रशपाल सिंह, संयुक्त किसान मोर्चा कपूरथला के संयोजक एडवोकेट राजिंदर सिंह राणा आदि ने संयुक्त रूप से पंजाब सरकार द्वारा 4 मार्च को किसानों की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की। 19 मार्च को दो खेती फर्मों को चंडीगढ़ तलब करने और बैठक के बाद रास्ते में किसान नेताओं की गिरफ्तारी की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसान नेताओं के साथ विश्वासघात किया है और पंजाब सरकार के इस घिनौने कृत्य के लिए आम आदमी पार्टी की मान सरकार को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शंभू-खनौरी बॉर्डर पर बैठे किसानों की गिरफ्तारी, उनके आशियानों को नष्ट करना, लाखों रुपए के किसानों के सामान सहित ट्रैक्टर-ट्रालियों की चोरी करना तथा किसान नेताओं व आम किसानों को जेल में बंद करने की देश-विदेश में रहने वाले किसान, मजदूर व कर्मचारी कड़ी निंदा कर रहे हैं। किसान नेताओं ने ऐलान किया कि पंजाब में पंजाब सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और इसने लोगों के दिलों को बुरी तरह हिला दिया है। संयुक्त फ्रंट द्वारा आयोजित विशाल रोष धरने के नेताओं ने एडीसी (जनरल) कपूरथला मैडम नवनीत कौर बल को पंजाब के राज्यपाल के नाम एक लिखित ज्ञापन देकर मांग की कि संविधान में निहित विरोध करने के अधिकार को लोगों से छीना जा रहा है तथा पुलिस दमन के माध्यम से इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा देश और पंजाब पुलिस राज्य की ओर बढ़ रहा है। नशे पर अंकुश लगाने के नाम पर गरीब लोगों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त किया जा रहा है, जो असंवैधानिक है। वक्ताओं ने कहा कि यदि पुलिस को ही सब कुछ करना है तो माननीय न्यायालयों का क्या मतलब रह जाएगा? इसी तरह वक्ताओं ने देश के राष्ट्रपति से मांग की कि 2021 में भारत सरकार द्वारा लिखित रूप में स्वीकार की गई मांगों को लागू किया जाए, अमेरिका व अन्य देशों के साथ कृषि में मुक्त व्यापार के लिए चल रही बातचीत रद्द की जाए, सभी फसलों पर एमएसपी दी जाए, किसानों व मजदूरों के सभी कर्ज माफ किए जाएं, केंद्र द्वारा नए कृषि मसौदे को राज्य सरकारों द्वारा विधानसभा का सत्र बुलाकर खारिज किया जाए, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की दरें न बढ़ाई जाएं, घरों में स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं, मोर्चों से लूटा गया सामान किसानों को वापस किया जाए, चोरी हुए सामान की भरपाई पंजाब सरकार करे। उक्त विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन कादियां के जिला अध्यक्ष जस सिंह लिट्टन, उपाध्यक्ष दलबीर सिंह नानकपुर, बलविंदर सिंह भुल्लर, जिला अध्यक्ष कीर्ति किसान यूनियन, जिला सचिव तरसेम बन्ने मल्ल, रणजीत कौर बूह, अमरजीत सिंह, अध्यक्ष कुल हिंद किसान सभा टिब्बा, तरलोक सिंह भबियाना, जिला सचिव, मास्टर चरण सिंह, बलविंदर सिंह बाजवा, जिला अध्यक्ष कीर्ति किसान यूनियन पंजाब, रघबीर सिंह, राज्य अध्यक्ष कीर्ति किसान यूनियन पंजाब, हरजिंदर सिंह राणा सैदोवाल, जिला अध्यक्ष बीकेयू डकौंदा धनेर, कुलदीप सिंह केसरपुर उपाध्यक्ष, गुरदेव सिंह, जिला सचिव, हरमिंदर सिंह, अध्यक्ष बीकेयू डकौंदा, बाबा अजीत सिंह, वरिष्ठ नेता डकौंदा, सरवण सिंह बाऊपुर, अध्यक्ष किसान मजदूर संघर्ष समिति कपूरथला, शेर सिंह महिवाल, चैन मोमी, बलदेव सिंह चन्नणविंडी, जिला अध्यक्ष दोआबा किसान समिति, गुरचरण सिंह कंग अध्यक्ष बीकेयू लखोवाल, गुरदीप सिंह महासचिव, सुच्चा सिंह जिला अध्यक्ष, तजिंदर सिंह जिला सचिव, निर्मल सिंह शेरपुर सद्धा, सुरजीत सिंह ठट्टा, हरप्रीत कौर बन्ने मल्ल, पलविंदर सिंह काला संघिया, जसविंदर सिंह मंगूपुर, कुलविंदर सिंह भंडाल, गुरदयाल सिंह बूह, नौ निहाल सिंह बृंदपुर, जगजीत सिंह जोसन, नवदीप सिंह राणा, सुखदेव सिंह नानकपुर, तारा सिंह सुरखपुर, कुलदीप सिंह आदि ने विशाल रोष प्रदर्शन के दौरान पंजाब व केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की तथा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का एलान किया।