पी एम विश्वकर्मा योजना का हुआ शुभारम्भ–एसडी कालेज अम्बाला छावनी में आयोजित कार्यक्रम में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री भारत सरकार साध्वी निरंजन ज्योति ने की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत।
– यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली से वर्चुअल प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का शुभारम्भ करते हुए देशवासियों को अपना शुभ संदेश भी दिया। जिसे यहां कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने सुना और देखा।
अम्बाला, 17 सितम्बर (मनप्रीत सिंह अरोड़ा) उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री भारत सरकार साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 18 कामगारों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारम्भ होने से नये भारत में विश्वकर्मा के हुनर को सम्मान मिला है। उन्होने कहा कि इस योजना के शुरू होने के बाद अब हम आयातकर्ता से निर्यातकर्ता बनेंगे। राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति रविवार को एसडी कालेज अम्बाला छावनी में आयोजित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के शुभारम्भ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि यहां पहुंची थी और यह अभिव्यक्ति उन्होंने अपने सम्बोधन में कही। मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपशिखा प्रज्वलित करके किया। इस मौके पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली से वर्चुअल प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का शुभारम्भ करते हुए देशवासियों को अपना शुभ संदेश भी दिया। जिसे यहां कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने सुना और देखा।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री भारत सरकार साध्वी निरंजन ज्योति ने इस मौके पर उपस्थित लोगों को विश्वकर्मा जयंती व देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन देश को नई दिशा व दशा देने वाला दिन है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के शुभारम्भ से इस योजना में शामिल होने वाले 18 श्रेणियों के कामगारों से देश आगे बढेगा। देश के नवनिर्माण में शिल्पकारों का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2014 के बाद देश के जिस व्यक्ति के अंदर हुनर व कौशल है उसे प्रशिक्षित करके आत्मनिर्भर बनाते हुए स्वरोजगार के लिए उसे प्रेरित किया गया है। इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का शुभारम्भ हुआ है। इस योजना के तहत 18 पारम्परिक कारोबार में लगे कारीगरों को शामिल किया गया है जिसमें बढई, नाव निर्माता, शस्त्र निर्माता, ब्लैक स्मिथ (लोहार), हथोडा और औजार निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, बारबर, गुडिया व खिलौने बनाने वाला, मूर्तिकार (मूर्तिकार, संगतराश) पत्थर तोडने वाला, मत्स्य जाल निर्माता, टोकरी/चटाई/झाडू बनाने वाले/रस्सी तैयार करने वाले, मोची (चर्मकार)/ जुत्ता बनाने वाला/फुटवेयर कारीगर, धोबी, राजमिस्त्री, माला बनाने वाला (मालाकार) व टेलर शामिल हैं। उन्होने यह भी कहा कि इस योजना के तहत देश के 30 लाख कारीगरों को इसमें सम्मलित किया जायेगा और इस योजना के तहत 13 हजार करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। इस योजना के तहत यह लाभ एक परिवार के एक सदस्य तक सीमित होगा और परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं। योजना के तहत एक लाख रूपये का ऋण बिना गारंटी के उपलब्ध करवाया जायेगा और एक वर्ष में 12 महीने के अंदर ऋण की अदायगी समय अवधि के तहत की जाती है तो 2 लाख रूपये तक का ऋण और उपलब्ध करवाने का प्रावधान है और यह ऋण 30 महीने की समय अवधि के तहत वापिस करना है।
उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत महिलाओं को भी इसका लाभ मिलेगा और वह भी इस योजना का लाभ उठाकर आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आज लगभग 9 करोड़ महिला स्वयं सहायता समूह हैं। उन्होंने उपस्थित व इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले कारीगरों को कहा कि यह उनके लिए सुनहरा अवसर है, इसका लाभ उठाएं। देश के नौजवान हमारी ताकत हैं और उन्होंने हमेशा ही देश के नवनिर्माण में अपना अहम योगदान दिया है। उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि भगवान ने हमें जो यह अवसर दिया है उसे हमें सेवा के रूप में लेकर जीवन में आगे बढऩा है।
इस मौके पर संयोजक (महाप्रबंधक) राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति डा0 राजेश प्रसाद ने मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा अनेकों योजनाएं क्रियान्वित करके लोगों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना व अन्य योजनाएं हैं। जन धन योजना के तहत देश में 50 करोड़ लोगों के खाते खोले गये हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत हरियाणा में वर्ष 2023-24 में लगभग पौने दो लाख लोगों को दो हजार करोड़ रूपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया है।
इस मौके पर भाजपा जिला प्रधान राजेश बतौरा ने मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हर वर्ग के हित के लिए कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। विदेशों में भारत का गौरव बढ़ा है। केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा क्रियान्वित योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत शामिल 18 पारम्पिरिक कामगारों को इसका लाभ मिलेगा और वह भी देश के नवनिर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेेंगे। मंच संचालन की भूमिका सरदार प्रभजोत सिंह ने बखूबी निभाई।
बॉक्स:- पात्रता
इस योजना के तहत हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगर और शिल्पकार जो असंगठित क्षेत्र में स्व-नियोजित आधार पर उपर्युक्त में से किसी एक पारंपरिक पारिवारिक व्यापार में कार्यरत हो, पंजीकरण करने के लिए पात्र होगा। यह लाभ एक परिवार के एक सदस्य तक सीमित होगा और परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं। लाभार्थी की न्यूनतम आयु पंजीकरण की तिथि को 18 वर्ष होनी चाहिए। वह पंजीकरण की तिथि को 18 पारंपरिक पारिवारिक व्यापारों में से किसी एक में कार्यरत होना/होनी चाहिए और पिछले पांच वर्ष के दौरान इससे मिलती-जुलती ऋण आधारित योजनाओं जैसे केंद्र सरकार या राज्य सरकार की पीएमईजीपी और पीएमस्वानिधि के तहत स्व-नियोजन/व्यवसाय विकास के लिए कोई ऋण न लिया हो। तथापि, मुद्रा और पीएमस्वानिधि के लाभार्थी जिन्होंने अपने ऋण का पुनर्भुगतान कर दिया है वे पीएम विश्वकर्मा के अंतर्गत पात्र होंगे। सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्य इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे।
पंजीकरण:- लाभार्थियों को आधार प्रमाणित वेब पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मिटी) के सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा पंजीकरण किया जाएगा। लाभार्थी के ब्यौरे का सत्यापन ग्राम पंचायतके प्रमुख/शहरी स्थानीय निकाय के कार्यकारी प्रमुख द्वारा किया जाएगा। जिला कार्यान्वयन समिति लाभार्थियों की सूची का अंतिम सत्यापन कर अनुशंसा करेगी। एमएसएमई, एमएसडीई, राज्यों के अग्रणी बैंकों से शामिल किए गए अधिकारियों की अनुवीक्षण (स्क्रीनिंग) समिति प्रत्येक राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में पंजीकरण प्रक्रिया का पर्यवेक्षण करेगी और अंतिम अनुमोदन प्रदान करेगी।
फायदे:- सफल पंजीकरण एवं सत्यापन के पश्चात, लाभार्थी को एक पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र एवं पहचान पत्रदिया जाएगा। कौशल सत्यापन के पश्चात, लाभार्थियों को 15,000/- तक का टूलकिट प्रोत्साहन दिया जाएगा। लाभार्थियों को 500/- रु. प्रति दिन के वजीफे के साथ बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। बुनियादी कौशल प्रशिक्षण के पश्चात, लाभार्थी 18 महीने की पुनर्भुगतान अवधि के साथ एक लाख तक कासंपाश्र्विक मुक्त ऋण प्राप्त करने का पात्र हो जाएगा। लाभार्थियों से ऋण के लिए प्रभारित किया जानेवाला रियायती ब्याज दर 5 प्रतिशत निर्धारित किया जाएगा। भारत सरकार 8 प्रतिशत तक की ब्याज सहायता प्रदान करेगी, जो बैंकों को अग्रिमरूप से प्रदान की जाएगी। ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) द्वारा प्रदान की जाएगी। संपूर्ण क्रेडिट गारंटी शुल्क का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा। बुनियादी कौशल प्रशिक्षण पूरा होने के पश्चात प्रति दिन 500 रूपये के वजीफे के साथ लाभार्थी 15 दिन या उससे अधिक के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण का लाभ उठा सकता है। कुशल लाभार्थी जो एक मानक ऋण खाता रखते हैं और डिजिटल लेनदेन को अपनाया हैया उन्नत कौशल प्रशिक्षण ले चुके हैं, 30 महीने की पुनर्भुगतान अवधि के साथ 2 लाख तक की ऋण की दूसरी किश्त प्राप्त करने के पात्र होंगे। लाभार्थियों को अधिकतम 100 लेनदेन (मासिक) के लिए प्रति लेनदेन 1 रुपये की दर से डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। लाभार्थियों को घरेलू एवं वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ उनके जुड़ाव को बेहतर बनाने के लिए गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स एवं जीईएम प्लेटफॉर्म पर ऑन-बोर्डिंग, विज्ञापन, प्रचार और अन्य गतिविधियों के रूप में विपणन सहायता दी जाएगी।
कार्यान्वयन ढाँचा:- एमएसएमई मंत्रालय के साथ साथ एमएसडीई और डीएफएस इस योजना के सह-निष्पादक होंगे। राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर त्रिस्तरीय कार्यान्वयन ढांचा, यानी क्रमश: राष्ट्रीय संचालन समिति, राज्य निगरानी समिति और जिला कार्यान्वयन समिति की स्थापना पी एमविश्वकर्मा के कार्यान्वयन के लिए की गई है। उचित निगरानी के लिए एक ऑनलाइन निगरानी प्रणाली या डैशबोर्ड स्थापित किया जाएगा।
प्रस्तावित कवरेज:- वित्त वर्ष 2023-2024 से वित्त वर्ष 2027-28 की अवधि के दौरान 30 लाख कारीगरों को शामिल किये जाने का प्रस्ताव है।
वित्तीय निहितार्थ:- वित्त वर्ष 2023-2024 से वित्त वर्ष 2027-28 तक कुल वित्तीय परिव्यय 13,000 करोड़ रूपये है।
इस मौके पर संयुक्त सचिव वित्तीय विभाग भारत सरकार पंकज शर्मा, उपायुक्त डा0 शालीन, संयोजक (महाप्रबंधक) राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति डा0 राजेश प्रसाद, पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह रंधावा, भाजपा जिला प्रधान राजेश बतौरा, एसडीएम सतिन्द्र सिवाच, कालेज प्रिंसीपल डा0 राजेन्द्र राणा, एलडीएम पुनीत कुमार, भाजपा नेता रमेश पाल नोहनी, डीडीपीओ दिनेश शर्मा, बीडीपीओ किन्नी गुप्ता के साथ-साथ अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण व गणमान्य लोग मौजूद रहे।