फगवाड़ा 18 मार्च (प्रीति जग्गी ) इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) की फगवाड़ा शाखा का एक प्रतिनिधिमण्डल शाखा प्रधान धर्मेन्द्र एवं चन्द्रेश्वर मिश्रा संगठन मंत्री भारतीय मजदूर संघ की अगवाई में आज एडीसी कम निगम कमिशनर अक्षिता गुप्ता से मिला। इस दौरान यूनियन की तरफ से केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक ज्ञापन भी ए.डी.सी. को दिया गया। जिसमें आगामी वर्ष के केन्द्रीय बजट के दौरान यूनियन की मांगों पर विचार करने की मांग की गई। शाखा प्रधान धर्मेन्द्र ने बताया कि विगत दिवस यूनियन कार्यसमिति की बैठक रेल कोच फैक्टरी कपूरथला में संपन्न हुई थी। जिसमें पंजाब प्रधान सुरिन्द्र शर्मा और सुभाष शर्मा चेयरमैन भी विशेष रूप से उपस्थित हुए थे। बैठक के दौरान जहां जेसीटी मिल मजदूरों से संबंधित मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई थी वहीं केन्द्र सरकार से बजट में श्रमिकों के कल्याण के लिये कुछ मांगों पर भी विचार किया गया था। जिनमें ई.पी.एस. 95 की न्यूनतम पेंशन पांच हजार रुपए करने व अंतिम तौर पर वेतन का 50 प्रतिशत प्लस महंगाई राहत पेंशन का भुगतान करने, ई.पी.एफ. की वेतन सीमा पन्द्रह हजार रूपये से बढ़ाकर तीस हजार रूपये और ई.एस.आई.सी. की वेतन सीमा 21 हजार रूपये से बढ़ाकर 42 हजार रूपये करने के अलावा सार्वजनिक सम्पत्ति की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने, बीमा/वित्तीय क्षेत्र में सौ प्रतिशत विदेशी निवेश पर रोक लगाने, स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा देने, असंगठित क्षेत्र हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने इत्यादि मांगे शामिल थी। जिसके संबंध में आज एडीसी फगवाड़ा को केन्द्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने केन्द्र सरकार को चेतावनी दी कि बजट में उपरोक्त मांगों बारे संशोधन प्रस्तावित पारित न किया गया तो संघर्ष का रास्ता अपनाया जायेगा। इस अवसर पर महातम तिवारी प्रधान मजदूर संघ जेसीटी युनिट, मोनू सरवटे, शारदानंद सिंह, रणजीत सिंह, पंकज कुमार, रमेश कुमार, निर्मल तिवारी आदि उपस्थित थे।
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